Bhagwan Dada Biography in Hindi

Bhagwan Dada Biography in Hindi
Bhagwan Dada Biography in Hindi

क्या होगा इन भाई साहब की दो-तीन साल में एक फिल्म आती है और एक फिल्म में भी उनका किरदार एकदम छोटा सा
रहता है फिर भी फर्स्ट क्लास जिंदगी जीते हैं चंकी पांडे सुनील शेट्टी को ले लीजिए अब तो वह फिर मुंह में दिखते भी नहीं
पर कमाल की जिंदगी जी रहे हैं

आप लोग यह सोच रहे होंगे कि आज मैं यह सब क्यों बता रही हूं दरअसल मुझे आपको यह बताना है कि सक्सेस मिलना तो आसान होता है पर उसको संभाल के रखना बेहद मुश्किल और बॉलीवुड में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने 90 के दशक में जो भी थोड़ा बहुत कमाया उसे सही से इन्वेस्ट किया था पर 50 के दशक में ऐसा कुछ नहीं था एक इंसान जिसे एक्शन हीरो डांसिंग हीरो अद्भुत कमेटी अंदर और राइटर की उपाधि मिली हो उसे ऐसी क्या गलती होती है जिसके कारण वह महान एक्टर छोटे से 4 से 25 रूम वाले बंगलो तक का सफर तय करता है फिर बर्बाद भी होता है

और अलीशा घर से निकल कर फिर से उसे चार में रहने लग जाता है और शराब के नशे में बाकी जिंदगी गुजारते हुए
बहुत भीड़ हो जाती है 1960 के दशक के बाद जितने भी डांसर आए थे उन सभी के डांसिंग ग्रुप भगवाना भाजीपाला
भगवान दादा का जन्म 1 अगस्त 1913 को अमरावती में हुआ था उनके पिता जी मिल में काम का अर्थ है

मुंबई के दादर इलाके में 14 में दादा की परवरिश हुई थी चौथी कक्षा के बाद उन्होंने पढ़ाई से दूरियां बना ली और पिताजी के साथ में काम करने लगे काम करते हुए उनका झुकाव एक्टिंग की तरफ मुड़ने लगा और उन्हें बॉडीबिल्डिंग का भी शौक था


साइलेंट फिल्मों के दौर में वह एक स्टूडियो से जुड़ गए और वहां रहकर फिर मेकिंग सीख ली तीस के दशक के साथ
भगवान ने एक्टिंग की दुनिया में प्रवेश रखा पर औपचारिक रूप से बेवफा उनकी पहली फिल्म है भगवान दादा इतने
होनार थे कि बहुत ही कम समय में ट्रैक्टर की कुर्सी पर बैठने लायक बन गए एक्टिंग से मिली हुई

शोहरत को निर्माण करने लगे और 1938 से 1949 तक कुल 20 लोग का निर्माण किया भगवान दादा का नाम से हर एक की जुबान पर आने लगा बता दूं कि भगवान दादा ने 1949 में भारत की पहली हॉरर फिल्म भी बनाई थी अब तक तो उन्हें बतौर नायक के
अलावा पहचान मिल चुकी थी उन्हें सब 42 के जमाने में चेंबूर में भगवान दादा नहीं जमीन खरीदी और वहां जागृति
पिक्चर फिल्म स्टूडियो का शुभारंभ किया

1 दिन राज कपूर साहब ने उनसे कहा अब सोशल फिर में बना कर देखो ना यह एक्शन कॉमेडी फिल्में तो चलती रहेंगी इसीलिए भगवान दादा ने 1951 में अलबेला फिल्म बनाई जिन के गाने आज भी मशहूर हैं नसीब गाने बल्कि उनका डांस स्टाइल इतना फेमस हुआ कि जिन्हें अगर डांस नहीं आता हो तो उन्हें भगवान दादा स्टाइल डांस करने की सलाह दी जाती थी बस इतना ही नहीं शादी के बरात में जो डांस होता है उसे भी कहीं ना कहीं भगवान दादा डांस स्टाइल कहा जाता है शोला जो भड़के शाम ढले खिड़की तले यह गाने आज भी संगीत प्रेमियों के लिस्ट में दिखाई देते हैं

भगवान दादा यह वह नाम है जिन्हें से सुपरस्टार अपना भगवान मानते हैं जो अच्छी है तो कर लेते थे पर डांस के मामले में फीके पड़ते थे ऐसे में भगवान दादा को गुरु मान अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार ने थोड़ा बहुत डांस सीख लिया अलबेला भगवान दादा ने खूब पैसा कमाया अब तो उनके पास 25 रूम वाला था 7 गाड़ियां की एक दम फर्स्ट क्लास दादा को नसीब हुई उनके सितारे भी बिगड़ गए फिर से एक और बनाई गई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल हो गई इसके बाद जो भी एक के बाद एक होने लगी जब किशोर कुमार के साथ हंसते रहना फिल्म की शूटिंग शुरू हुई


भगवान दादा का सबसे कठिन समय आया रिलीज हुई नहीं बनाने के लिए दादा ने गाड़ी बंगला बीवी के गहने अलबेला
फिल्म के कुछ गिरवी रख दिया अब बर्बाद भगवान दादा फिर से उसी में रहने आए और शराब को ही अपनी जिंदगी बना
लिया अपने जीवन काल में वह 300 से भी ज्यादा फिल्मों में नजर आए आखरी समय तक भगवान दादा फिल्म में छोटे-
बड़े किरदार निभाते रहे और 4 फरवरी 2002 को उम्र के 88 साल में हमारे प्यारे भगवान दादा ने आखिरी सांस ली
किशोर कुमार राज कपूर और अन्य नामचीन कलाकार के कदम उनके चल के तरफ कभी नहीं बस्ती रामचंद्र साहब उनसे
मिलने आते थे कभी-कभी सोचती हूं जिंदगी इसी का नाम है आपकी आई हुई कहानियां को कैसी लगी हमें जरूर
बताइएगा और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

जन्म 1 अगस्त 1913
निर्धन4 फरवरी 2002
जन्म स्थान अमरावती
उम्र (Age) 88

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